ट्रम्प का तुर्की को मिसाइल बेचने का फैसला – भारत क्यों चिंतित है?

एक ऐसी खबर, जो भारत के लिए चिंता का सबब बन रही है। अमेरिका के नए ट्रम्प प्रशासन ने तुर्की को एडवांस्ड मिसाइल बेचने का फैसला किया है और इससे भारत की नींद उड़ गई है। आखिर ऐसा क्या है इस डील में? क्यों भारत को लग रहा है कि ये उसके लिए खतरा हो सकता है? चलिए, समझते हैं!

ये कहानी शुरू होती है अमेरिका से, जहां ट्रम्प प्रशासन ने तुर्की को AMRAAM यानी Advanced Medium-Range Air-to-Air Missiles बेचने का ऐलान किया है। ये मिसाइलें हवा में दुश्मन के लड़ाकू विमानों को मार गिराने के लिए इस्तेमाल होती हैं। ये इतनी एडवांस्ड हैं कि किसी भी देश की वायुसेना को ताकतवर बना सकती हैं। लेकिन भारत को इससे टेंशन क्यों हो रही है? क्योंकि तुर्की, जो अमेरिका का NATO सहयोगी है, उसका पाकिस्तान के साथ बहुत गहरा दोस्ताना है।

भारत को डर है कि अगर तुर्की ने ये मिसाइलें पाकिस्तान को दे दीं, तो भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संतुलन बिगड़ सकता है। और ये कोई छोटी बात नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तो आप सब जानते ही हैं।



अब सवाल ये है कि भारत को इतनी चिंता क्यों हो रही है? देखिए, AMRAAM मिसाइलें तुर्की की वायुसेना को तो मज़बूत करेंगी ही, लेकिन अगर ये पाकिस्तान के हाथ लग गईं, तो भारत की वायुसेना के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। भारत की वायुसेना अभी पाकिस्तान से काफी हद तक मज़बूत है, लेकिन अगर पाकिस्तान को ऐसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मिल गई, तो वो भारत के लिए खतरा बन सकता है।

इसके अलावा, तुर्की और पाकिस्तान का रिश्ता कोई नया नहीं है। दोनों देश कई बार सैन्य और रक्षा मामलों में एक-दूसरे की मदद करते देखे गए हैं। तो भारत को ये डर सता रहा है कि तुर्की AMRAAM मिसाइलें या उनकी टेक्नोलॉजी पाकिस्तान को ट्रांसफर कर सकता है।

अब आप सोच रहे होंगे कि अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है? दरअसल, तुर्की NATO का हिस्सा है, लेकिन हाल के सालों में तुर्की ने रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदा, जिससे अमेरिका नाराज़ हो गया। ट्रम्प प्रशासन अब तुर्की को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है, और इसके लिए वो तुर्की को AMRAAM मिसाइलें बेच रहा है।

लेकिन इस डील से भारत को लग रहा है कि उसकी सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। भारत नहीं चाहता कि पाकिस्तान को कोई ऐसी ताकत मिले, जो भारत के लिए खतरा बने।




तो अब भारत क्या करेगा? खबरों के मुताबिक, भारत इस मसले को अमेरिका के सामने ज़ोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रहा है। भारत अमेरिका से कहेगा कि वो तुर्की को मिसाइलें बेचने से पहले ये सुनिश्चित करे कि ये मिसाइलें या उनकी टेक्नोलॉजी पाकिस्तान तक न पहुंचे।

साथ ही, भारत अपनी वायुसेना को और मज़बूत करने पर भी ध्यान दे रहा है। नए लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम और डिफेंस टेक्नोलॉजी में भारत तेज़ी से काम कर रहा है, ताकि किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहे।

इस तरह ट्रम्प प्रशासन का तुर्की को AMRAAM मिसाइलें बेचने का फैसला भारत के लिए चिंता की बात है। ये डील न सिर्फ भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर असर डाल सकती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सैन्य स्थिति को भी बदल सकती है।



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